पाकिस्तानी खुफिया एजेंट से संपर्क:
जांच में सामने आया है कि ज्योति मल्होत्रा 2023 से पाकिस्तानी खुफिया एजेंट दानिश के संपर्क में थीं। उनकी मुलाकात पाकिस्तान उच्चायोग में वीजा आवेदन के दौरान हुई थी। इसके बाद, उन्होंने दानिश के साथ नियमित संपर्क बनाए रखा और अन्य पाकिस्तानी एजेंटों से भी जुड़ी रहीं ।
एन्क्रिप्टेड ऐप्स का उपयोग:
ज्योति ने व्हाट्सएप, टेलीग्राम और स्नैपचैट जैसे एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स का उपयोग करके पाकिस्तानी एजेंटों से संपर्क बनाए रखा। जांच एजेंसियों को उनके डिजिटल उपकरणों से ऐसे संचार के सबूत मिले हैं।
डायरी में पाकिस्तान की प्रशंसा:
हरियाणा पुलिस को मिली ज्योति की डायरी में पाकिस्तान यात्रा के अनुभवों का वर्णन है, जिसमें उन्होंने पाकिस्तान को "प्यार और रंगों से भरा" देश बताया है। उन्होंने लिखा है कि पाकिस्तान में उन्हें बहुत स्नेह मिला और उन्होंने वहां के लोगों से गहरी दोस्ती की।
वित्तीय लेन-देन की जांच:
जांच एजेंसियां ज्योति के चार बैंक खातों की जांच कर रही हैं, जिनमें संदिग्ध लेन-देन के संकेत मिले हैं। हालांकि, अभी तक कोई ठोस निष्कर्ष नहीं निकला है।
जांच की स्थिति :
ज्योति मल्होत्रा को आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम, 1923 की धाराओं 3 और 5 के तहत गिरफ्तार किया गया है। उनसे राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) द्वारा पूछताछ की जा रही है। हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अभी तक उनके आतंकवादी गतिविधियों से कोई संबंध नहीं पाए गए हैं।
निष्कर्ष :
ज्योति मल्होत्रा का मामला सोशल मीडिया के माध्यम से राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने की गंभीरता को उजागर करता है। यह घटना बताती है कि कैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग करके संवेदनशील जानकारी साझा की जा सकती है। जांच एजेंसियां इस मामले की गहराई से जांच कर रही हैं और अन्य संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही हैं।
इस मामले से यह स्पष्ट होता है कि सोशल मीडिया पर सक्रिय व्यक्तियों को सतर्क रहने की आवश्यकता है और राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित किसी भी जानकारी को साझा करने से पहले उसके परिणामों पर विचार करना चाहिए।
ई0 एस0 वर्ल्ड जानकारी ( E. S. WORLD JNANKARI )
