फास्ट फूड कैसे बनता है जानलेवा :-
स्वास्थ्य विशेषज्ञ के अनुसार, फास्ट फूड में मौजूद ट्रांस फैट, रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट, अत्यधिक नमक और केमिकल्स शरीर को अंदर से खोखला कर देते हैं। ये तत्व न केवल मोटापे का कारण बनते हैं, बल्कि धीरे-धीरे कई गंभीर बीमारियों को जन्म देते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ के अनुसार फास्ट फूड का नियमित सेवन करने से -
* मोटापा तेजी से बढ़ता है,
* टाइप-2 डायबिटीज का खतरा कई गुना हो जाता है,
* हृदय रोग (हार्ट अटैक, ब्लॉकेज) का जोखिम बढ़ता है,
* पाचन तंत्र कमजोर हो जाता है,
* इम्यून सिस्टम पर बुरा असर पड़ता है।
बच्चों और किशोरों में इसका प्रभाव और भी खतरनाक होता है, क्योंकि इस उम्र में शरीर का विकास होता है। गलत खान-पान से अचानक ब्लड प्रेशर, हार्ट रेट असंतुलन और पाचन संबंधी जटिलताएं पैदा हो सकती हैं।
महीने में कितनी बार खाना है फास्ट फूड :-
इस सवाल का बेहतर जवाब है बिलकुल न खाएं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ के अनुसार “फास्ट फूड को महीने में एक या अधिकतम दो बार से ज्यादा नहीं खाना चाहिए, वह भी बहुत कम मात्रा में।” यह भी सलाह दिया जाता है कि बच्चों को फास्ट फूड से जितना हो सके दूर रखा जाए और घर के बने ताज़े व पौष्टिक भोजन की आदत डाली जाए।
क्या है बेहतर विकल्प :-
* घर का बना खाना,
* फल और हरी सब्ज़ियां,
* दाल, चावल, रोटी,
* अंकुरित अनाज,
* पर्याप्त पानी और नियमित व्यायाम
फास्ट फूड केवल वजन ही नहीं बढ़ाता, बल्कि यह धीरे-धीरे शरीर को बीमारियों की ओर धकेल देता है। अमरोहा की घटना एक चेतावनी है कि स्वाद के चक्कर में सेहत से समझौता कितना खतरनाक हो सकता है। समय रहते खान-पान की आदतें सुधारना ही समझदारी है।
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