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30 December 2025

आतंकवाद के खिलाफ बिहार की बड़ी तैयारी, ATS के चार नए क्षेत्रीय कार्यालय

न्यूज़ डेस्क / ESW /पटना। 

पटना। बिहार में आतंकवाद और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए राज्य पुलिस ने एक अहम कदम उठाया है। राज्य सरकार ने आतंकवाद निरोधी कार्रवाई को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) के चार नए क्षेत्रीय कार्यालय खोलने का निर्णय लिया है। ये नए कार्यालय बिहार के विभिन्न हिस्सों में बनाए जाएंगे, जिसमे गया, मोतिहारी, दरभंगा और पूर्णिया का नाम शामिल है। पुलिस मुख्यालय स्थित सरदार पटेल भवन में एक प्रेस वार्ता के दौरान, एडीजी (विधि–व्यवस्था) पंकज कुमार दराद ने इस पहल की जानकारी दी और बताया कि इन कार्यालयों के गठन से राज्य में आतंकवादी गतिविधियों पर निगरानी रखना, खुफिया जानकारी एकत्र करना और त्वरित कार्रवाई करना संभव होगा।


चार नए ATS कार्यालयों का उद्देश्य और महत्व :-

बिहार पुलिस द्वारा खोले जाने वाले ये चार कार्यालय आतंकवाद और अन्य गंभीर अपराधों से निपटने के लिए राज्य के विभिन्न हिस्सों में अपने कामकाज को और

अधिक कुशल बनाने में मदद करेंगे। इन कार्यालयों का प्रमुख उद्देश्य आतंकवादियों की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखना, संदिग्धों की पहचान करना और उनके खिलाफ त्वरित कार्रवाई करना है। पंकज कुमार दराद ने बताया कि इन कार्यालयों के संचालन से ATS को न केवल अपराधियों के नेटवर्क को समझने में मदद मिलेगी, बल्कि सुरक्षा एजेंसियों को समन्वय में भी बढ़त मिलेगी।


प्रत्येक क्षेत्रीय कार्यालय का नेतृत्व डीएसपी रैंक के एक अधिकारी द्वारा किया जाएगा, जो अपने क्षेत्र में आतंकवाद और गंभीर अपराधों से निपटने के लिए जिम्मेदार होगा। इन कार्यालयों के माध्यम से ATS को स्थानीय स्तर पर बेहतर तरीके से काम करने का अवसर मिलेगा, जिससे एक मजबूत और बेहतर प्रतिक्रिया प्रणाली तैयार की जा सकेगी।


सोशल मीडिया पर कड़ी निगरानी और संदिग्धों की पहचान :-

ATS द्वारा अब सोशल मीडिया पर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है। पंकज कुमार दराद ने बताया कि अब तक 176 संदिग्धों की पहचान की जा चुकी है, जिनमें से 12 की काउंसलिंग की जा चुकी है। सोशल मीडिया प्लेटफार्म्स पर आतंकवादियों और अन्य राष्ट्रविरोधी तत्वों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है, जिससे उनकी पहचान करने और उन्हें समय रहते रोकने में मदद मिल सके।


अपराधियों की अवैध संपत्ति की जब्ती :-

इसके साथ ही पुलिस ने बिहार में BNSS की धारा 107 के तहत अपराधियों की अवैध संपत्तियों की जब्ती की कार्रवाई को भी तेज कर दिया है। राज्य पुलिस का कहना है कि यह कदम आतंकवादियों और अन्य अपराधियों की वित्तीय सहायता के स्रोतों को समाप्त करने के उद्देश्य से उठाया गया है, ताकि उनकी गतिविधियों को और ज्यादा प्रभावी रूप से रोका जा सके।


नववर्ष पर हाई अलर्ट :-

नववर्ष के मौके पर पूरे राज्य में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। सीमावर्ती इलाकों में SSB (सशस्त्र सीमा बल) के साथ समन्वय कर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। पुलिस प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया है कि बिहार में शांति, सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनी रहे और किसी भी प्रकार की आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए गए हैं।


बिहार पुलिस के पहल का समग्र उद्देश्य :-

यह पहल बिहार पुलिस द्वारा आतंकवाद, अपराध और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों पर नियंत्रण पाने के लिए की गई है। पुलिस विभाग का कहना है कि इन कार्यालयों की स्थापना से राज्य में आतंकवाद के खतरे को कम करने और सार्वजनिक सुरक्षा को बढ़ाने में मदद मिलेगी। इसके अलावा, राज्य के पुलिस प्रशासन ने कहा कि यह कदम बिहार में शांति और सुरक्षा बनाए रखने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।


बिहार पुलिस के इस प्रयास से यह उम्मीद जताई जा रही है कि आतंकवाद और राष्ट्रविरोधी तत्वों के खिलाफ राज्य में मजबूत सुरक्षा तंत्र तैयार होगा, जिससे आम जनता को राहत मिलेगी और अपराधियों के मनोबल में कमी आएगी।