जानकारी डेस्क /रक्सौल /पूर्वी चम्पारण। 03 फरवरी 2026
कार्यशाला में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग इंस्पेक्टर विकास कुमार ने सीमा क्षेत्र के सरकारी एवं गैर-सरकारी विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को मानव तस्करी के खतरों और उससे बचाव के उपायों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बच्चों को उनके अधिकारों, सुरक्षा उपायों तथा संदिग्ध परिस्थितियों में सतर्क रहने के तरीकों की जानकारी देना अत्यंत आवश्यक है, ताकि वे किसी भी प्रकार के शोषण का शिकार न बनें। उन्होंने विशेष रूप से सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि वर्तमान समय में मानव तस्कर सोशल मीडिया के माध्यम से बच्चों को अपने जाल में फंसा रहे हैं। ऐसे में बच्चों को सजग और सतर्क रहने की आवश्यकता है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रयास जुवेनाइल एड सेंटर की जिला परियोजना समन्वयक आरती कुमारी ने मानव तस्करी, बाल यौन शोषण एवं बाल विवाह के दुष्परिणामों पर प्रकाश डाला। बच्चों को सरल भाषा में ‘गुड टच–बैड टच’, सुरक्षित व्यवहार, भरोसेमंद व्यक्तियों की पहचान तथा आपात स्थिति में सहायता प्राप्त करने के तरीकों की जानकारी दी गई। इस दौरान चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 एवं प्रयास हेल्पलाइन नंबर 9289692023 की जानकारी भी साझा की गई, ताकि जरूरत पड़ने पर बच्चे तुरंत मदद ले सकें।
गौरतलब है कि 2 फरवरी 2026 को डंकन अकैडमी में भी इसी प्रकार का कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जबकि 3 फरवरी 2026 को भेलाही स्थित नथुनी दुर्गा उच्च मध्य विद्यालय में कार्यशाला संपन्न हुई। यह अभियान इंडो-नेपाल बॉर्डर क्षेत्र में निरंतर चलाया जाएगा।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाध्यापक सुधीर कुमार सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए कहा कि मानव तस्करी, बाल यौन शोषण एवं बाल विवाह जैसे गंभीर मुद्दों को देखते हुए इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम विद्यालय में समय-समय पर आयोजित होने चाहिए। उन्होंने एसएसबी 47वीं वाहिनी रक्सौल, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग टीम एवं प्रयास संस्था का आभार व्यक्त किया।
मौके पर एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग टीम के सदस्य खेमराज, अरविंद द्विवेदी, नीतू कुमारी, सरिता, प्रयास के सामाजिक कार्यकर्ता राज गुप्ता, विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं सैकड़ों की संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
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