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15 October 2025

घोड़ासहन : AISA नेता मधुसूदन कुमार का अब तक का राजनीतिक जीवन सफर

पूर्वी चंपारण, बिहार।

मधुसूदन कुमार बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के जमुनिया गांव निवासी ध्रुवनारायण सिंह के पुत्र हैं जो वर्त्तमान में गाँधी नगर घोड़ासहन क्षेत्र में निवास करते हैं और स्थानीय स्तर पर AISA (ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन) के सक्रिय नेता रहे हैं। वे छात्र राजनीति से जुड़कर सामाजिक, शैक्षिक और जनसमस्याओं पर मुखर भूमिका निभाते रहे हैं।



प्रारंभिक जीवन और शिक्षा

मधुसूदन कुमार का जन्म और पालन पोषण ग्रामीण स्तर पर अपने पैतृक गांव में हुआ और ये पारिवारिक स्तर पर भी ठीक ठाक हैं।  इनके दादा शिव शंकर प्रसाद लगातार 20 वर्षो तक गांव के मुखिया रहें। इनका प्रारंभिक पढाई ग्रामीण परिवेश में हुआ। माध्यमिक शिक्षा के लिए इन्हे मोतिहारी में भेजा गया और यहीं से इनका राजनीति में प्रवेश भी हुआ।

युवावस्था कम उन्हें सामाजिक न्याय, शिक्षा और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर सक्रियता दिखाई, जिससे धीरे धीरे उनका झुकाव वामपंथी छात्र संगठन AISA की ओर हुआ। 


छात्र राजनीति और AISA से जुड़ाव

AISA से जुड़ने के बाद मधुसूदन कुमार ने स्थानीय स्तर पर छात्र आंदोलनों में भागीदारी शुरू की। वे कॉलेज-स्तरीय इकाई से जुड़कर शिक्षा व्यवस्था में सुधार, बेरोजगारी, छात्रवृत्ति और सरकारी योजनाओं के कार्यान्वयन जैसे मुद्दों पर मुखर रहे। घोड़ासहन, मोतिहारी और आसपास के इलाकों में आयोजित कई छात्र सभाओं में उन्होंने युवाओं को जागरूक करने का प्रयास किया। AISA से उनका जुड़ाव उन्हें स्थानीय राजनीति के केंद्र में ले आया, जहाँ वे गरीब, किसान और छात्रों की आवाज़ उठाने वाले चेहरे के रूप में पहचाने जाने लगे।


राजनीतिक पद व पहचान 

इन्होंने कॉलेज काल के वर्ष 2012 से ही राजनितिक कदम आगे बढ़ाया और AISA के मेंबर बने। वर्ष 2013 में ये AISA के मोतिहारी नगर प्रेसिडेंट बने। फिर 2014 में AISA पूर्वी चम्पारण के जॉइंट सेक्रेटरी बने। इनके कार्यो से प्रभावित होकर 2015 में इनको CPI ML का मोतिहारी नगर कमिटी मेंबर बनाया गया। वर्ष 2016 में AISA के स्टेट वर्किंग कमिटी मेंबर के साथ ही CPI  ML  मुजफ्फरपुर नगर कमिटी मेंबर बने। 2017 में बिहार यूनिवर्सिटी AISA के प्रेजिडेंट बने। 2020 लॉ स्टूडेंट एस्सोसिएशन बिहार के स्टेट प्रेसिडेंट बने। वर्ष 2024 में जन सुराज पार्टी से जुड़कर सिकरहना का अनुमंडल यूथ प्रेसिडेंट बने और 2025 में जन सुराज के पूर्वी चम्पारण डिस्ट्रिक्ट सेक्रेटरी के साथ ही जन सुराज के बिहार स्टेट यूथ वर्किंग कमिटी के मेंबर बने। 


विवाद और गिरफ्तारी

वर्ष 2020 में घोड़ासहन थानाक्षेत्र में एक बड़ी पुलिस कार्रवाई के दौरान मधुसूदन कुमार सुर्खियों में आए। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस ने छापेमारी में मधुसूदन सहित 11 लोगों को गिरफ्तार किया था। इस दौरान तीन पिस्तौल, दो देसी कट्टे और 31 कारतूस समेत कई धारदार हथियार बरामद हुए थे। 


पुलिस ने उन्हें AISA से जुड़े छात्र नेता के रूप में नामित किया, हालाँकि इस गिरफ्तारी के बाद की न्यायिक प्रक्रिया अभी लंबित है यानि अभीतक दोष या निर्दोष होने का अदालत ने कोई निर्णय नहीं सुनाया है और वे अभी बाहर हैं। 


सामाजिक उपस्थिति और जनसंपर्क

मधुसूदन कुमार सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म जैसे Facebook और YouTube पर सक्रिय दिखाई दिए, जहाँ उन्होंने जनता से अपील, सामाजिक मुद्दों और युवाओं की समस्याओं पर अपने विचार साझा किए। कोरोना काल में उन्होंने एक वीडियो संदेश जारी कर स्थानीय जनता से सतर्कता और सहयोग की अपील भी की थी।


वर्तमान स्थिति

हाल के वर्षों में मधुसूदन कुमार की गतिविधियों पर बहुत कम रिपोर्टें सामने आई हैं। क्योंकि उन्होंने अपना लॉ कोर्स पूरा कर मोतिहारी कोर्ट में वकालत की प्रैक्टिस शुरू कर दिया है। हलाकि इसके बावजूद वे अब भी स्थानीय स्तर पर छात्र-राजनीति या सामाजिक कार्यों से जुड़े हुए हैं। उनकी राजनितिक पहचान आज भी मुख्यतः AISA के छात्र नेता के रूप में ही जानी जाती है। लेकिन इसी माह इन्होने जन सुराज के सभी पदों से इस्तीफा देकर आम आदमी पार्टी का दामन थाम लिया है और पूर्वी चम्पारण जिले के ढाका विधानसभा से पार्टी के बैनर तले चुनावी मैदान में उतरने का ऐलान कर दिया है।