प्राप्त जानकारी के अनुसार, दारोगा कन्हैया सिंह ने सिसवन थाना क्षेत्र निवासी सुनील कुमार से उनकी बहन का नाम एक आपराधिक मामले से हटाने के एवज में रिश्वत की मांग की थी। पीड़ित सुनील कुमार ने इसकी शिकायत निगरानी विभाग से की, जिसके बाद पूरे मामले की सत्यता की जांच कर जाल बिछाया गया। नियोजित योजना के तहत मंगलवार को सीवान–रघुनाथपुर मुख्य मार्ग स्थित महाराणा प्रताप चौक के पास बबलू चाय दुकान पर घूस की रकम लेन-देन का स्थान तय किया गया। जैसे ही दारोगा कन्हैया सिंह ने सुनील कुमार से 40 हजार रुपये रिश्वत के रूप में लिए, पहले से घात लगाए बैठी निगरानी विभाग की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उन्हें मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद निगरानी विभाग की टीम आरोपी दारोगा को अपने साथ लेकर पूछताछ के लिए ले गई। सूत्रों के अनुसार, आगे की कानूनी प्रक्रिया के तहत उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जाएगा। इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। स्थानीय लोगों ने निगरानी विभाग की इस कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा कि इस तरह की सख्त कार्रवाई से भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा और आम लोगों का भरोसा कानून व्यवस्था पर बना रहेगा। निगरानी विभाग की ओर से बताया गया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
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