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29 July 2026

घोड़ासहन में बढ़ती नशाखोरी पर पुलिस का शिकंजा, स्कूलों के आसपास संदिग्ध गतिविधियों से अभिभावकों में चिंता

घोड़ासहन शहर क्षेत्र में सूखा नशा करने वाले युवाओं एवं किशोरों की बढ़ती गतिविधियों को लेकर स्थानीय लोगों और अभिभावकों में चिंता गहराती जा रही है। नगर के कई इलाकों में दिनदहाड़े युवाओं को बोतलों को हुक्के की तरह इस्तेमाल कर नशा करते हुए देखे जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार अंबिका पैलेस रोड स्थित मून लाइट के पीछे का क्षेत्र, अंबिका टॉकीज के आसपास का इलाका तथा घोड़ासहन गर्ल्स स्कूल के समीप कुछ ऐसे स्थान बन गए हैं, जहां अक्सर किशोर और युवा संदिग्ध परिस्थितियों में नशा करते नजर आते हैं। इन स्थानों से होकर प्रतिदिन बड़ी संख्या में स्कूली छात्र-छात्राओं का आना-जाना होता है, जिससे अभिभावकों और स्थानीय नागरिकों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर कम उम्र के बच्चों और किशोरों तक नशे की सामग्री पहुंच कैसे रही है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस पूरे नेटवर्क की गहन जांच की आवश्यकता है, ताकि यह पता चल सके कि नशे की सामग्री उपलब्ध कराने वाले लोग कौन हैं और इस कारोबार के पीछे किसका हाथ है। इधर नगर के कई चाय और पान दुकानों पर बने बंद केबिन भी चर्चा का विषय बना हुआ है। लोगों का कहना है कि स्कूल और कोचिंग समय के दौरान कुछ छात्र इन केबिनों में छिपकर नशा करते दिखाई देते हैं। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि इन केबिनों का निर्माण इसी उद्देश्य से किया गया है। ऐसे में स्थानीय लोग प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि इन केबिनों के उपयोग और वहां होने वाली गतिविधियों की भी जांच की जाए। इस बीच घोड़ासहन पुलिस ने नशाखोरी के खिलाफ विशेष अभियान शुरू कर दिया है। अभियान के तहत पुलिस ने मून लाइट के पीछे स्थित बीरचंद के अर्द्धनिर्मित मकान सहित कई चिन्हित स्थानों पर छापेमारी की है। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद नशा करने वालों और संदिग्ध तत्वों में हड़कंप मचा हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि स्कूलों के आसपास खुलेआम नशाखोरी का माहौल बच्चों के भविष्य और उनकी सुरक्षा दोनों के लिए गंभीर चुनौती है। विशेषकर छात्राओं और स्कूली छात्रों में भय का वातावरण बना रहता है। नागरिकों ने पुलिस प्रशासन से नियमित गश्त, स्कूलों के आसपास विशेष निगरानी तथा नशे के कारोबार से जुड़े लोगों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है। जानकारी के अनुसार, पुलिस का अगला अभियान उन चाय एवं पान दुकानों पर केंद्रित हो सकता है, जहां बने बंद केबिनों में संदिग्ध गतिविधियों की शिकायतें मिल रही हैं। यदि जांच में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि सामने आती है तो संबंधित लोगों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।